Meta Update : इंस्टाग्राम और फेसबुक में हो रहा बदलाव, Meta AI ने डेवलेप किया ये नया सिस्टम, जो चाहोगे, वही दिखेगा

On: May 19, 2026 2:36 PM
Meta Update : इंस्टाग्राम और फेसबुक में हो रहा बदलाव, Meta AI ने डेवलेप किया ये नया सिस्टम, जो चाहोगे, वही दिखेगा

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Meta Update : सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम और फेसबुक, थ्रेड चलाने वाले यूजर्स के लिए नई खबर है। दिसंबर महीने में फेसबुक और इंस्टाग्राम में बदलाव कर नए फीचर को इजाद किया जा रहा है। दरअसल अब तक हम फेसबुक और इंस्टाग्राम चलाते हैं तो किसी भी तरह का कंटेंट और विज्ञापन सामने जाते हैं, चाहें हम उन विज्ञापन को लाइक कर रहें हैं या नहीं। अब इंस्टाग्राम और फेसबुक पर चलाते समय हमारे सामने वही विज्ञापन आएंगे, जिन्हें हम पसंद (Meta Update) करेंगे।

Meta के अनुसार अब वह अपने उपभोक्ताओं के AI चैटबॉट के साथ बातचीत के डेटा का इस्तेमाल करके उनके लिए Ads और कंटेंट दिखाएगा। Meta के मुताबिक दिसंबर महीने से यह नया फीचर काम करना शुरू (Meta Update) कर देगा। कंपनी का कहना है कि यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार Ads Preferences और फीड कंट्रोल टूल्स का प्रयोग कर यह निर्धारित कर पाएंगे कि उन्हें कौन सा कंटेंट और Ads दिखाई दे।

Meta Update :  Meta के सभी प्लेटफार्म पर लागू होगा नया फीचर

Meta पर इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, फेसबुक और थ्रेड्स के अलावा बाकी जितने भी प्लेटफार्म हैं, उन सभी पर यह फीचर लागू होगा। यूजर्स जो भी AI के साथ चैट करेंगे, उसके आधार पर प्लेटफॉर्म उनके लिए पोस्ट, रील्स और Ads दिखाएगा। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई यूजर Meta AI के साथ हाइकिंग के बारे में चैट करता है, तो इंस्टाग्राम और फेसबुक उसे हाइकिंग से जुड़े ग्रुप, ट्रेल्स के पोस्ट और हाइकिंग बूट्स के Ads दिखाएगा। इसका मकसद यूजर को केवल वही कंटेंट दिखाना है जिसमें उनकी रूचि हो।

Meta Update : कंटेंट और विज्ञापन को कंट्रोल भी कर पाएंगे उपभोक्ता

Meta के प्लेटफार्म प्रयोग करने वाले उपभोक्ता विज्ञापन और कंटेंट को कंट्रोल भी कर पाएंगे। कंपनी का यह नया अपडेट उपभोक्ता के एक्सपीरियंस को और ज्यादा बेहतर बनाने में मदद करेगा। यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार कंटेंट और विज्ञापन को खुद नियंत्रित भी कर सकते हैं। Meta के इस कदम से यह दिखता है कि भविष्य में सोशल मीडिया पर AI और डेटा का इस्तेमाल बढ़ेगा और कंटेंट और Ads अब और भी पर्सनलाइज्ड होंगे।

Meta का ये भी कहना है कि आपकी धार्मिक मान्यता, राजनीति विचार, स्वास्थ्य, जाति या नस्ल और ट्रेड यूनियन जैसी संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल Ads दिखाने में नहीं किया जाएगा, लेकिन यह साफ नहीं किया गया कि क्या ऐसे डेटा का इस्तेमाल पोस्ट और रील्स की रिकमेन्डेशन (Meta Update) करने में होगा या नहीं। साथ ही Meta केवल उन्हीं खातों का डेटा इस्तेमाल करेगी जो आपने Accounts Centre में जोड़े हैं। मतलब अगर आपने अपना व्हाट्सऐप अकाउंट Accounts Centre में नहीं जोड़ा है, तो उस अकाउंट की AI बातचीत का डेटा Ads या कंटेंट रिकमेन्डेशन के लिए इस्तेमाल नहीं होगा।


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Neeru Sheokand

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