काफिले पर हमले को लेकर पहुंचें कोर्ट: Dushyant Chautala

On: April 25, 2026 11:00 AM
काफिले पर हमले को लेकर पहुंचें कोर्ट: Dushyant Chautala

Haryana के पूर्व उपमुख्यमंत्री Dushyant Chautala ने अपने काफिले के साथ हुई घटना को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने काफिले के साथ हुई घटना को लेकर Punjab एवं Haryana हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया गया है कि Hisar की CIA पुलिस के कुछ अधिकारियों ने उनके काफिले को बीच में रोककर हथियार दिखाए और जान से मारने की भी धमकी दी।

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हाई कोर्ट की सख्ती, SP से मांगा जवाब

इस मामले ने राज्य की राजनीति में बहुत ज्यादा हलचल पैदा कर दी है और Haryana कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के समय राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि घटना की जांच चल रही है और अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने में समय लगेगा। हालांकि, कोर्ट ने इस जवाब से पूरी तरह संतुष्ट हुए बिना हिसार के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे इस मामले में विस्तृत हलफनामा दाखिल करें।

स्वतंत्र जांच एजेंसी की मांग: Dushyant Chautala

Dushyant Chautala ने अपनी याचिका में यह कहा है कि जिन पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच Haryana पुलिस से न कराकर किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए, इसके लिए उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो या फिर Punjab एवं Chandigarh पुलिस जैसी एजेंसियों का विकल्प सुझाया है।

स्वतंत्र जांच एजेंसी की मांग: Dushyant Chautala
स्वतंत्र जांच एजेंसी की मांग: Dushyant Chautala

उनका कहना है कि जब आरोप खुद पुलिस पर ही हैं, तो उसी विभाग से निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना उचित नहीं होगा। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि हिसार पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

कार्रवाई में देरी के आरोप: Dushyant Chautala

Dushyant Chautala ने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है और जानबूझकर कार्रवाई को टाला गया। उन्होंने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने Haryana के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका फोन कई बार बजने के बाद ब्लॉक कर दिया गया। यह आरोप प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल उठाता है।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। 17 अप्रैल को हुई घटना का विवरण देते हुए याचिका में कहा गया है कि Hisar में एक सफेद बोलेरो गाड़ी ने उनके काफिले को अचानक से रोक लिया गया। इसमें सिविल ड्रेस में मौजूद कुछ पुलिस अधिकारी थे, जिनमें इंस्पेक्टर पवन कुमार का नाम भी शामिल है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने हथियार दिखाकर दुष्यंत चौटाला और उनके सुरक्षा कर्मियों को डराने की कोशिश की।

Dushyant Chautala ने अदालत को बताया कि वे Y Plus सुरक्षा श्रेणी में आते हैं, जो कि एक उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था होती है। इसके बावजूद इस तरह की घटना होना बेहद चिंताजनक है और सुरक्षा तंत्र की विफलता को दर्शाता है। उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स ने भी अलग-अलग शिकायतों में इस घटना की पुष्टि की है

समर्थकों पर झूठे केस दर्ज करने का आरोप: Dushyant Chautala

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद निष्पक्ष जांच करने के बजाय पुलिस ने उल्टा उनके समर्थकों पर झूठे केस दर्ज करने शुरू कर दिए। उनका कहना है कि यह न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है।

समर्थकों पर झूठे केस दर्ज करने का आरोप: Dushyant Chautala
समर्थकों पर झूठे केस दर्ज करने का आरोप: Dushyant Chautala


इसके अलावा, उन्होंने 7 अप्रैल को दर्ज की गई एक अन्य FIR को भी बदले की कार्रवाई बताया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने इस पूरे मामले में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है और सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि इस मामले से जुड़े सभी CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच के दौरान किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो सके।

कानून-व्यवस्था और राजनीति पर बड़ा सवाल

यह मामला अब केवल एक व्यक्ति या घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था, पुलिस की कार्यप्रणाली जैसे बड़े मुद्दों को भी उजागर कर रहा है। हाई कोर्ट की आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें हैं, जहां यह तय होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी और क्या सच सामने आ पाएगा।


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