Jind hydrogen plant : जींद में हाइड्रोजन प्लांट का काम पूरा, NOC बाकी, देखें कब से शुरू होगी हाइड्रोजन ट्रेन

On: April 11, 2026 5:51 PM

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Jind hydrogen plant work completed :  हरियाणा के जींद में बन रहे देश के पहले हाइड्रोजन प्लांट का कार्य लगभग पूरा होने को है। आगामी 10-15 दिनों में सभी कार्य पूर्ण हो जाएंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय समेत दो-तीन विभागों से एनओसी बाकी हैं, जो जल्द मिल जाएंगी। इसके अलावा फायर फाइटिंग सिस्टम में कुछ कमियां मिली थी, जो दूर की जा रही हैं। इसकी प्लांट में गैस बननी शुरू हो गई।

फिलहाल इसकी टेस्टिंग चल रही है। यह प्लांट प्रतिदिन 430 किलोग्राम हाइड्रोजन का उत्पादन करेगा। इस पर 70 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस पायलट परियोजना में एक डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट रैक को हाइड्रोजन ईंधन में अपग्रेड किया जाएगा। सबसे पहले जींद-गोहाना-सोनीपत मार्ग पर हाइड्रोजन से ट्रेन (hydrogen train) चलेगी।

जींद-गोहाना-सोनीपत ट्रैक के लिए हाइड्रोजन की आपूर्ति इसी प्लांट से की जाएगी। यह प्लांट प्रतिदिन लगभग 430 किलो हाइड्रोजन का उत्पादन करेगा। जींद में ईंधन भरने वाले स्टेशन में तीन हजार किलो हाइड्रोजन भंडारण, कंप्रेसर और तेज़ ईंधन भरने के लिए प्री-कूलर इंटीग्रेशन वाले दो डिस्पेंसर भी लगाए गए हैं।

Jind hydrogen plant work : 89 किलोमीटर लंबा होगा जींद-सोनीपत रेलवे ट्रैक, जिस पर दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन

जींद-गोहाना-सोनीपत रेलवे ट्रेक करीब 89 किलोमीटर लंबा है। हाइड्रोजन ट्रेन (hydrogen train) की गति 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। ट्रेन में एक बार में 2638 यात्री सफर कर सकेंगे। हाइड्रोजन फ्यूल सेल द्वारा संचालित यह ट्रेन डीजल ट्रेनों के विपरीत इमिशन के रूप में सिर्फ वाटर और हीट जेनरेट करेगी। आठ कोच वाली ट्रेन एक ऐसी रेलगाड़ी है, जो हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक पर आधारित होगी।

यह ट्रेन पारंपरिक डीजल ट्रेनों का एक पर्यावरण एवं अनुकूल विकल्प होगी। हाइड्रोजन ट्रेन में हाइड्रोजन गैस को ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाएगा। यह ट्रेन शून्य कार्बन उत्सर्जन करेगी। इस ट्रेन (hydrogen train) का ईंजन धुएं की बजाय पानी व भाप छोड़ेगा, जिससे प्रदूषण नहीं होगा।

Jind hydrogen plant work : रेलवे पीआरओ ने की पुष्टि

रेलवे के चीफ PRO हिमांशु शेखर ने कहा कि अभी तक उनके पत्र इस हाइड्रोजन प्लांट (hydrogen train) के उद्घाटन से संबंधित कोई पत्र नहीं आया है। प्लांट का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। कुछ छोटी-मोटी कमियां टेस्टिंग के दौरान आई है, उनको दूर किया जा रहा है। उम्मीद है अक्तूबर महीने में ही जींद-गोहाना-सोनीपत मार्ग पर हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन दौड़ेगी। 


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