नई दिल्ली। भारत ने 2036 Olympics को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया डायलॉग के दौरान कहा कि अगर भारत को 2036 में मजबूत प्रदर्शन करना है, तो भविष्य के खिलाड़ियों की पहचान अभी से करनी होगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रधानमंत्री ने बताया कि देशभर में 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए टैलेंट हंट अभियान चलाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य छोटी उम्र में ही उन बच्चों को पहचानना है, जिनमें किसी विशेष खेल में आगे बढ़ने की क्षमता दिखाई देती है।
मोदी ने कहा कि केवल बच्चे की पसंद देखकर यह तय नहीं किया जाना चाहिए कि वह कौन सा खेल खेलेगा। उसकी शारीरिक बनावट, क्षमता, फिटनेस और खेल के प्रति स्वाभाविक योग्यता को भी समझना जरूरी है। इसके आधार पर बच्चे को उस खेल में प्रशिक्षण देने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा, जिसमें उसके बेहतर प्रदर्शन की संभावना हो।
इस अभियान का दायरा गांवों से लेकर शहरों और स्कूलों तक रखने की बात कही गई है। यानी देश के अलग अलग हिस्सों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने की कोशिश होगी। सरकार का लक्ष्य ऐसी प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से सही प्रशिक्षण और सुविधाओं से जोड़ना है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत को ओलंपिक में केवल कुछ चुनिंदा खेलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जिन खेलों में देश की भागीदारी अभी कम है, वहां भी नए खिलाड़ियों को तैयार करने की जरूरत है।
2036 का लक्ष्य सामने रखते हुए मोदी ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले खिलाड़ियों को सरकार की ओर से जरूरी सहयोग देने का प्रयास किया जाएगा।
इस पहल को भारत के लंबे समय के खेल रोडमैप का हिस्सा माना जा रहा है। कम उम्र में प्रतिभा पहचानने, उसे सही खेल से जोड़ने और लगातार प्रशिक्षण देने से आने वाले वर्षों में देश के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का बड़ा आधार तैयार हो सकता है।
यानी 2036 की Olympics तैयारी मैदान में उतरने से पहले ही शुरू हो गई है अब तलाश उन बच्चों की होगी, जो आने वाले समय में तिरंगे को ओलंपिक पोडियम तक पहुंचा सकें।
Source: PIB INDIA









