ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध: Jaipur में 95% Medical Store खुले, जानिए बड़ा कारण

On: May 20, 2026 8:42 PM
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध: Jaipur में 95% Medical Store खुले, जानिए बड़ा कारण

Medical Store News: देशभर में 20 मई को ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध को लेकर प्रस्तावित बंद के बीच Jaipur के दवा व्यापारियों ने एक अलग तरीका को अपनाया। उन्होंने शांतिपूर्ण रह कर ढंग से विरोध दर्ज कराया। कई जगह दवा की दुकानों के बंद रहने की चर्चा थी, लेकिन जयपुर में लगभग 95 प्रतिशत Medical Store खुले हुए थे ।

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दुकानदारों ने काली पट्टी बांधकर विरोध को जताया। Jaipur Chemist Association The Chemist एंड Druggist Association Registered Jaipur के आह्वान पर शहर के हजारों दवा व्यापारियों ने इस अभियान में भाग लिया। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा व्यापार ड्रग एक्ट की भावना के खिलाफ है, इसलिए इसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया।

दवा दुकानों को खुला रखकर जिम्मेदारी का संदेश, 95% Medical Store खुले

Jaipur Chemist Association के अध्यक्ष अमरीश कौशिक और सचिव नवीन सांघी ने बताया है कि Jaipur में करीब 10 हजार दवा व्यवसायी इस अभियान के साथ जुड़े हुए हैं, और उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री को बिना जरूरी कानूनी बदलावों के अनुमति देना दवा व्यापार और मरीजों की सुरक्षा दोनों के लिए एक चिंता का विषय है, लेकिन विरोध के दौरान यह भी ध्यान रखा गया है कि शहर में किसी मरीज को दवा के लिए परेशान न होना पड़े।

इसी वजह से Jaipur में Medical Store पूरी तरह बंद करने के बजाय दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर काली पट्टी बांधकर विरोध को जताया। यह तरीका समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। दवा व्यवसायियों ने साफ कहा है कि उनका मकसद आम जनता को परेशान करना नहीं है, बल्कि सरकार तक अपनी बात मजबूती से पहुंचाना है।

दवा दुकानों को खुला रखकर जिम्मेदारी का संदेश, 95% Medical Store खुले
दवा दुकानों को खुला रखकर जिम्मेदारी का संदेश, 95% Medical Store खुले

मुख्य प्रवक्ता अजय अग्रवाल ने बताया कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल के आसपास की सभी दवा दुकानें भी खुली रहीं। इससे मरीजों और उनके परिवार के लोगों को किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। दवा व्यापारियों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े व्यवसाय में जनता की सुविधा सबसे पहले महत्वपूर्ण होती है, इसलिए विरोध का तरीका भी ऐसा होना चाहिए जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

Jaipur के Jawahar Nagar, Adarsh ​​Nagar, Pratap Nagar, Sanganer, Malviya Nagar, Jagatpura, Mansarovar, Tonk Road, Mahesh Nagar, Sikar Road, Ambabari और Raja Park सहित कई इलाकों में Medical Store सामान्य रूप से खुले रहे। इससे साफ संकेत मिला कि व्यापारियों ने संगठन के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए विरोध में हिस्सा लिया, लेकिन अपनी सेवा को जारी रखा।

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Rajasthan Season: Rajasthan Season गर्मी बहुत बढ़ गई है और राज्य के कई हिस्सों में लू चलने लगी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा गर्मी कोटा में रही, जहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे लोग बहुत परेशान नजर आए,

ऑनलाइन दवा बिक्री पर क्यों है केमिस्टों का विरोध?

दवा व्यापारियों का मानना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री का मुद्दा सिर्फ व्यापार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मरीजों की सुरक्षा और कानून से भी जुड़ा हुआ भी है। उनका कहना है कि बिना डॉक्टर की सही सलाह और उचित निगरानी के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री कई बार गंभीर स्वास्थ्य में जोखिम पैदा कर सकती है, फर्जी दवाएं, गलत दवा की डिलीवरी और बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की उपलब्धता जैसे मुद्दे भी लंबे समय से चिंता का कारण बने हुए हैं।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि ड्रग एक्ट में जरूरी संशोधन किए बिना ऑनलाइन दवा बिक्री को बढ़ावा देना एक गलत कदम होगा। उनका मानना है कि दवा कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं है, बल्कि यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य से भी जुड़ा संवेदनशील विषय है। इसलिए इसके लिए मजबूत नियम और कड़ी निगरानी बहुत ज्यादा जरूरी है।

भीषण गर्मी के बावजूद Amrish Kaushik, Naveen Sanghi, Mahavir Sogani, Ajay Agarwal, Sudhir Natani, Manohar Kumawat, Sumit Nigam, Sanjay Jain, Khalil Khan सहित कई पदाधिकारियों और सदस्यों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सिर्फ एक विरोध का प्रतीक नहीं था, बल्कि सरकार और नीति निर्माताओं तक एक स्पष्ट संदेश पहुंचाने की कोशिश भी थी।

Jaipur के केमिस्टों का यह तरीका इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने बंद के बजाय सेवा और विरोध दोनों का संतुलन एक साथ बनाए रखा। इससे जनता को दवाओं की उपलब्धता भी मिलती रही, वहीं दूसरी ओर सरकार तक उनका विरोध भी पहुंचा है। यह प्रदर्शन हमे बताता है कि किसी मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए हमेशा आक्रामक रास्ता अपनाना जरूरी नहीं होता, बल्कि जिम्मेदारी के साथ भी प्रभावी संदेश दिया जा सकता है।


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