Indian Army Aviation Ladakh: बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय सेना के एविएशन पायलटों ने 18,600 फीट की ऊंचाई पर एक घायल व्यक्ति को सुरक्षित निकालने के लिए साहसिक हवाई बचाव अभियान चलाया। यह अभियान नून-कुन के पास बेहद कठिन पहाड़ी क्षेत्र में अंजाम दिया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जिस स्थान पर घायल मौजूद था, वहां हेलीकॉप्टर उतारने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। इसके अलावा तेज हवाओं के कारण अभियान का जोखिम और बढ़ गया था। ऐसी परिस्थितियों में पायलटों ने हेलीकॉप्टर को हल्का करने के लिए गैर-जरूरी उपकरण हटाए और सीमित मात्रा में ईंधन के साथ उड़ान भरी।
रेस्क्यू के दौरान पायलटों ने बेहद सटीक तरीके से हेलीकॉप्टर को खड़ी ढलान के करीब पहुंचाया। अभियान का सबसे चुनौतीपूर्ण क्षण तब आया, जब हेलीकॉप्टर के एक स्किड को ढलान पर टिकाकर घायल को निकालने की प्रक्रिया पूरी की गई।
बताया गया कि यह दिन का आखिरी उपलब्ध लैंडिंग विंडो था। बेहद कम समय, ऊंचाई, तेज हवाओं और सीमित जगह के बावजूद मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
यह अभियान Indian Army Aviation के पायलटों की उड़ान-कौशल, साहस, सूझबूझ और मुश्किल परिस्थितियों में मानव जीवन बचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।









