नई दिल्ली: अब मेडिकल रिपोर्ट और इलाज से जुड़े दस्तावेजों को संभालकर रखने के लिए हर बार फाइल लेकर घूमने की जरूरत कम हो सकती है। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) के जरिए लोग अपने डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को लिंक करके जरूरत के समय उन्हें देख और संबंधित डॉक्टर के साथ साझा कर सकते हैं। लेकिन यहां एक जरूरी बात है, जिसे हर ABHA यूजर को समझना चाहिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बड़ी बातें
ABHA में रिकॉर्ड जोड़ने का मतलब सबको एक्सेस देना नहीं
अगर आपने अपनी अलग-अलग मेडिकल रिपोर्ट ABHA से लिंक कर दी हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी डॉक्टर आपकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकता है।
आधिकारिक ABDM जानकारी के मुताबिक, किसी डॉक्टर या अस्पताल को आपके हेल्थ रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए आपकी सहमति जरूरी होती है। बिना अनुमति के रिकॉर्ड संबंधित डॉक्टर या अस्पताल के साथ शेयर नहीं किए जाते।
आप चुन सकते हैं कौन-सी रिपोर्ट शेयर करनी है
ABHA में सहमति का सिस्टम एक साथ सभी रिकॉर्ड शेयर करने तक सीमित नहीं है। मरीज अपनी जरूरत के अनुसार चुने हुए हेल्थ रिकॉर्ड शेयर कर सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर डॉक्टर को सिर्फ आपकी पुरानी लैब रिपोर्ट की जरूरत है, तो उसी रिकॉर्ड को साझा किया जा सकता है। ABDM इसे ग्रैन्युलर कंसेंट यानी अलग-अलग रिकॉर्ड के लिए अलग सहमति देने की सुविधा बताता है।
रिकॉर्ड हमेशा के लिए डॉक्टर के पास नहीं रहता
ABDM के अनुसार, रिकॉर्ड शेयर करने की सहमति एक तय अवधि के लिए भी दी जा सकती है। उदाहरण के तौर पर यूजर 48 घंटे या 7 दिन जैसी अवधि चुन सकता है। सहमति की अवधि खत्म होने के बाद संबंधित स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को उन रिकॉर्ड तक पहुंच नहीं रहती।
दी गई अनुमति बाद में वापस भी ले सकते हैं
अगर आपने किसी डॉक्टर या अस्पताल को रिकॉर्ड देखने की अनुमति दे दी है, तो बाद में उस सहमति को रद्द करने का विकल्प भी उपलब्ध है। ABHA ऐप में Consent सेक्शन के जरिए संबंधित अनुमति को वापस लिया जा सकता है।
ABHA में कौन-कौन से रिकॉर्ड देखे जा सकते हैं?
ABDM के अनुसार डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड में डायग्नोस्टिक रिपोर्ट, डिस्चार्ज समरी, डॉक्टर की ओपी कंसल्टेशन नोट्स, प्रिस्क्रिप्शन, टीकाकरण रिकॉर्ड, हेल्थ डॉक्यूमेंट और अन्य रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं। कौन-सा रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, यह संबंधित स्वास्थ्य सुविधा और डिजिटल रिकॉर्ड पर निर्भर करता है।
एक जरूरी बात मरीजों को समझनी चाहिए
मेडिकल रिकॉर्ड शेयर करते समय मरीज को यह ध्यान रखना चाहिए कि डॉक्टर को इलाज के लिए जरूरी जानकारी मिलना महत्वपूर्ण है। ABDM खुद बताता है कि यदि मरीज केवल कुछ रिकॉर्ड शेयर करता है, तो डॉक्टर के पास पूरी जानकारी न होने से सही क्लिनिकल निर्णय लेने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए जरूरत के अनुसार डॉक्टर के साथ पूरी प्रासंगिक मेडिकल जानकारी साझा करना बेहतर हो सकता है।
ABHA को लेकर सीधी बात
ABHA से मेडिकल रिकॉर्ड लिंक करना और उन्हें किसी डॉक्टर के साथ शेयर करना दो अलग बातें हैं। रिकॉर्ड लिंक होने के बाद भी उन्हें किसी डॉक्टर या अस्पताल के साथ साझा करने के लिए आपकी सहमति जरूरी है। आप उपलब्ध विकल्पों के अनुसार रिकॉर्ड और सहमति की अवधि चुन सकते हैं तथा दी गई सहमति को बाद में वापस भी ले सकते हैं।
स्रोत: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), नेशनल हेल्थ अथॉरिटी।









