Home Loan Planning: 60 हजार सैलरी वाले लोगों के लिए एनसीआर में कई विकल्प हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, इसके लिए आपको सही योजना, सही स्थान और अपने बजट का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। समझदारी से की गई योजना से आप पर ज्यादा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरों में ऊंची इमारतों के बीच अपना घर होना किसी सपने जैसा है। महंगाई और प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के बीच क्या कोई महीने के 60 हजार कमाने वाला व्यक्ति दिल्ली-एनसीआर में घर खरीद सकता है? एक्सपर्ट मानते हैं कि ऐसा संभव है लेकिन इसके लिए बेहतर योजना की सख्त जरूरत है।
एक्सपर्ट मानते हैं कि सिर्फ ज्यादा इनकम वाले लोग ही घर खरीद सकते हैं, ऐसा कहना गलत है। हकीकत यह है कि सही वित्तीय योजना, सही स्थान और सही परियोजना का चयन करके मध्यम आय वर्ग के लोग भी अपना घर खरीद सकते हैं।
इस सैलरी वाला कोई व्यक्ति अगर घर खरीदने की योजना बना रहा है, तो उसे अपनी इनकम और खर्च के बीच संतुलन बनाना चाहिए। आपको अपनी बचत, सही स्थान का चयन, समय पर डाउन और होम लोन के लिए योग्यता आदि बातों को सही समझना जरूरी है। वित्तीय एक्सपर्ट से सरल तरीके से समझें कि आप इस सैलरी में आप किस तरह से अपना घर खरीद सकते हैं।

ईएमआई और लोन का पूरा गणित: Home Loan Planning
- सैलरी का 30 से 40 फीसदी ईएमआई, घर खरीदने की दिशा में पहला कदम यह समझना है कि आप हर महीने कितनी ईएमआई आसानी से चुका सकते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, आपकी होम लोन की ईएमआई कुल मासिक आय के 30 से 40 फीसदी के बीच होनी चाहिए।
- 60 हजार की सैलरी पर 15 से 20 हजार की ईएमआई, एक्सपर्ट ने बताया कि 60 हजार की सैलरी पर आपको मंथली ईएमआई 15 से 20 हजार के बीच होनी चाहिए। इससे ज्यादा की ईएमआई लेने से आपके अन्य खर्चे प्रभावित हो सकते हैं।
- कितने तक का मिल सकता है लोन, मौजूदा होम लोन की ब्याज दरें लगभग 8.5 से 9.5 फीसदी के बीच हैं। अगर इस रेट पर आप 20 साल का लोन लेते हैं, तो बैंक से आपको 18 लाख से 25 लाख तक का होम लोन मिल सकता है। यदि आपके पास कोई अन्य पुराना लोन नहीं है, तो लोन मिलने की संभावना और बढ़ जाती है।
कितना होना चाहिए बजट
एक्सपर्ट के अनुसार, अगर आप इस ईएमआई पर 18-25 लाख का लोन ले रहे हैं, तो उसमें अपना डाउन पेमेंट जोड़कर आपका कुल प्रॉपर्टी बजट 25 से 40 लाख के बीच होना चाहिए। इस बजट रेंज में एनसीआर के भीतर कई लोकेशन पर घर मिल सकते हैं।
25 से 40 लाख में कहां मिल सकता है घर: Home Loan Planning
- एक्सपर्ट ने बताया कि प्राइम लोकेशन जैसे साउथ दिल्ली या गुरुग्राम का गोल्फ कोर्स रोड पर घर मिलना कठिन है लेकिन उभरते हुए इलाकों में कई बेहतरीन विकल्प हैं।
- आप ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद के बाहरी इलाकों जैसे राजनगर एक्सटेंशन या वेव सिटी के आसपास, सोहना और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के पास देख सकते हैं।
- यहां आपको किफायती या कॉम्पैक्ट 1 या 2 बीएचके घर मिल सकते हैं। ये इलाके न केवल बजट में फिट बैठते हैं बल्कि आने वाले समय में यहां इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में सुधार होने से प्रॉपर्टी की कीमतों में अच्छी ग्रोथ की संभावना भी है।
डाउन पेमेंट की योजना
ज्यादातर बैंक प्रॉपर्टी की कुल कीमत का 75-90% तक ही लोन देते हैं। इसका मतलब है कि आपको कम से कम 10 से 25 फीसदी राशि खुद जमा करनी होगी। 30 लाख की प्रॉपर्टी के लिए आपको 5 से 8 लाख तक का डाउन पेमेंट तैयार रखना चाहिए। डाउन पेमेंट की राशि जितनी अधिक होगी, आपके लोन का बोझ उतना ही कम होगा।
एक्सपर्ट के अनुसार, यहां एक समझदारी वाली बात यह है कि अपनी पूरी जमा-पूंजी को डाउन पेमेंट में न लगा दें। हमेशा कुछ अमाउंट ‘इमरजेंसी फंड’ के रूप में अलग रखें ताकि जॉब और हेल्थ से जुड़ी किसी भी इमरजेंसी के समय आपकी ईएमआई में कोई रुकावट न आए।
रजिस्ट्री, मेंटेनेंस : Home Loan Planning
एक्सपर्ट के अनुसार, अक्सर घर खरीदार केवल प्रॉपर्टी की कीमत पर ध्यान देते हैं और अन्य खर्च पर ध्यान नहीं देते हैं, जो बाद में भारी पड़ते हैं। इन खर्चों को समझना बहुत जरूरी है।
- स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन, यह राज्य के अनुसार अलग-अलग होता है लेकिन एनसीआर में आमतौर पर प्रॉपर्टी की कीमत का 6 से 8 फीसदी खर्च रजिस्ट्री में आता है। अगर घर की कीमत 30 लाख के आसपास है, तो ये रकम 2 लाख के आसपास हो सकती है।
- जीएसटी, अगर आप अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो आपको जीएसटी देना होगा, जबकि रेडी-टू-मूव घरों पर यह लागू नहीं होता।
- मेंटेनेंस और क्लब मेंबरशिप चार्ज, दिल्ली-एनसीआर में अधिकतर बड़ी सोसायटियों में 1-2 साल का मेंटेनेंस एडवांस में जमा करना होता है। यहां आपके लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं।
- इंटीरियर और फर्निशिंग, घर मिलने के बाद बिजली का काम, किचन कैबिनेट और पेंट जैसे बेसिक सेटअप के लिए भी दो से तीन लाख का अतिरिक्त बजट रखना चाहिए। कुल मिलाकर घर लेने के बाद भी आपके पांच लाख रुपये तक खर्च सकते हैं।











