Islampur Fort: गांव इस्लामपुर के ऐतिहासिक किले में संरक्षण का काम चल रहा है। इसी दौरान किले के अंदर खुदाई करते समय कुछ पुराने अवशेष मिलने से अब इसकी ऐतिहासिक अहमियत को लेकर चर्चा बहुत बढ़ गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!खुदाई के दौरान इंसान या पशु की हड्डियां और पुराने भाले के अग्रिम हिस्से जैसे दिखाई देने वाले धातु के काफी टुकड़े मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इन अवशेषों को वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ये अवशेष कितने साल पुराने हैं और इनका संबंध किस दौर से है।
किले के केयरटेकर राजेश ने यह बताया कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फॉरेंसिक और पुरातत्व विशेषज्ञों की जांच के बाद ही अवशेषों की सही पहचान होगी और उनके ऐतिहासिक काल के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
7.50 करोड़ रुपये से विकसित होगा पर्यटन केंद्र Islampur Fort
गांव के सरपंच रामबिलास छावड़ी के मुताबिक, किले को संरक्षित करने और आसपास के क्षेत्र को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिए करीब 7.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कोशिश है कि किले की पुरानी बनावट और पारंपरिक स्थापत्य शैली को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित रखा जाए।
योजना पूरी होने के बाद इस ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। अधिकारियों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आसपास के लोगों के लिए रोजगार और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा होंगे।
फिलहाल निर्माण और संरक्षण कार्य के कारण किले में आम पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। परियोजना के पूरा होने में करीब ढाई से तीन साल का समय लगने की संभावना जताई जा रही है।








