Jind Julana Murder : जींद जिले से 14 अगस्त की रात को लापता हुए सुमित नामक युवक का शव 42 दिन बाद रोहतक जिले के समर गोपालपुर एरिया में झाड़ियों में पड़ा मिला। शव का गल-सड़ने के बाद कंकाल निकल चुका था। बताया जा रहा है कि सुमित की गला दबाकर हत्या की गई थी और जिस युवक ने हत्या की, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान समर गोपालपुर गांव निवासी मोनू के रूप में हुई है। मोनू पहले भी हत्या के मामले में जेल काट चुका है। किसी महिला को लेकर मोनू और सुमित के बीच झगड़ा हुआ था और इसी झगड़े में मोनू की गला दबाकर हत्या (Julana Murder) कर दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Julana Murder Sumit case : अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला क्या है
जुलाना क्षेत्र के करेला गांव का 25 वर्षीय सुमित नामक युवक 14 अगस्त की रात को घर से निकला था। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा। सुमित की पत्नी मुकेश ने जुलाना थाना में गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया। एक सप्ताह तक सुमित का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद शिकायतकर्ता मुकेश विधायक विनेश फोगाट के पास शिकायत लेकर पहुंची।
विनेश फोगाट ने जुलाना थाना प्रभारी रविंद्र से स्टेट्स जानना चाहा। विधायक ने एसएचओ पर आरोप लगाते हुए कहा था कि एसएचओ को बोलने की तमीज नहीं है। वह तू तड़ाक में बात करता है और दिन में भी शराब पीता है। विनेश ने कहा था कि एसएचओ को बात तक करने की तमीज नहीं है। थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने अपनी सफाई में कहा था कि मेरे पास पहली बार विधायक का फोन आया था। तो पूछने में क्या बुराई है कि आप कौन बोल रहे हो? केस के बारे में अपडेट कर दिया था। शराब पीने के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं, वह कभी शराब नहीं पीते।
पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की और उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली तो रोहतक के समर गोपालपुर गांव निवासी मोनू की संदिग्ध संलिप्तता मिली। पुलिस ने मोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि मोनू ने ही सुमित की गला दबाकर हत्या की है। उसका शव समरगोपालपुर फैक्ट्री के पीछे झाड़ियों में पड़ा है। इसके बाद मोनू की निशानदेही पर पुलिस मौके पर पहुंची तो शव कंकाल में बदल चुका था और पास ही सुमित का बैग तथा कपड़े पड़े हुए थे।
Julana Murder Sumit case : पूछताछ में हुआ ये खुलासा
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि सुमित समरगोपालपुर में फैक्ट्री में काम करता था। वहीं पर एक महिला भी काम करती थी। इसी महिला ने सुमित को 14 अगस्त को रोहतक पीजीआई में बुलाया था। सुमित जब वहां पहुंचा तो मोनू भी वहां पर मौजूद था। वह महिला सुमित की जान-पहचान की थी। सुमित और मोनू के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
उस समय तो मामला शांत हो गया लेकिन इसके बाद मोनू फैक्ट्री के पीछे जाकर शराब पीने लगा। वहां सुमित भी पहुंच गया तो दोनों के बीच फिर से झगड़ा हुआ और मोनू ने सुमित की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी मोनू पर इससे पहले भी एक हत्या का केस दर्ज था और वह आठ साल बाद जेल से जमानत पर बाहर आया हुआ था।











