Cement की कीमत में हाल में काफी बढ़ोतरी हुई है और यह एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसकी वजह यह है कि पश्चिम एशिया में लड़ाई की वजह से ऊर्जा और परिवहन की लागत बढ़ गई है। माना जा रहा है कि Cement की कीमत में आगे भी बढ़ोतरी हो सकती है।
इस बीच, अल्ट्राटेक सीमेंट की वार्षिक क्षमता 200 मिलियन टन से अधिक हो गई है। यह चीन के बाहर दुनिया की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है। इसकी क्षमता अमेरिका से लगभग दोगुनी और यूरोपीय संघ की कुल क्षमता से अधिक है। कंपनी ने हाल ही में 3 ग्राइंडिंग यूनिटों को चालू किया है, जिनकी कुल क्षमता 8.7 मिलियन टन है।
UltraTech Cement रिकॉर्ड
अल्ट्राटेक को 100 मिलियन टन की क्षमता तक पहुंचने में बिड़ला समूह को 36 साल लगे थे। लेकिन आदित्य बिड़ला समूह की इस कंपनी ने महज सात साल में ही अपनी क्षमता 100 मिलियन टन से 200 मिलियन टन तक पहुंचा दी है। 2019 में कंपनी की क्षमता 100 मिलियन टन थी, जब यह चीन के बाहर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी थी। समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि यह पैमाना अभूतपूर्व है। भारत में किसी भी क्षेत्र की किसी अन्य कंपनी ने अब तक क्षमता का यह मील का पत्थर हासिल नहीं किया है।
Kumar Mangalam Birla का प्लान
अल्ट्राटेक ने मार्च 2027 तक 200 मिलियन टन तक पहुंचने का लक्ष्य रखा था, लेकिन वह एक साल पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। कंपनी के यूएई, बहरीन और श्रीलंका में भी प्लांट हैं। बिड़ला ने कहा कि कंपनी वित्तीय वर्ष 2028 तक अपनी क्षमता को बढ़ाकर 240 मिलियन टन तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है, जिसके लिए 16,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी की दो-तिहाई बिक्री ग्रामीण इलाकों में होती है।
140 मिलियन टन क्षमता का लक्ष्य
इस बीच, देश के सबसे बड़े उद्योगपति गौतम अडानी की कंपनी अडानी सीमेंट ने वित्तीय वर्ष 2028 तक 140 मिलियन टन तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। अडानी समूह में तीन कंपनियां अंबुजा सीमेंट्स, एसीसी और सांघी इंडस्ट्रीज शामिल हैं। पिछले साल अप्रैल में समूह की सीमेंट उत्पादन क्षमता 100 मिलियन टन तक पहुंच गई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह क्षमता वर्तमान में 105 मिलियन टन है। अडानी सीमेंट देश की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है। भारत दुनिया में सीमेंट का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।
* अल्ट्राटेक Cement ने तीन नई यूनिट को चालू किया
* इन तीनों प्लांट की कुल क्षमता 8.7 मिलियन टन है
* इससे कंपनी की क्षमता 200 मिलियन टन तक पहुंच जाएगी
* 2028 तक इसे बढ़ाकर 240 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य






