Haryana weather update : हरियाणा में आगामी तीन दिनों में मानसून की सक्रियता कम है, इसके चलते 13 सितंबर तक कुछ जिलों में ही बारिश के आसार हैं. 13 के बाद फिर से मौसम बदलेगा. आज यानि 10 सितंबर को हरियाणा के पांच जिलों पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल में हल्की बारिश की संभावना है. IMD चंडीगढ़ के अनुसार इन जिलों में बादलवाही रहेगी और कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के मौसम विभाग अध्यक्ष मदन लाल खीचड़ ने बताया कि बुधवार को हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, कैथल, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, महेंद्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल और नूंह में मौसम साफ रहेगा.
Haryana weather update : हरियाणा में सामान्य से 46 प्रतिशत ज्यादा हो चुकी बारिश
इस मानसून सीजन की बात करें तो हरियाणा में इस मानसून सीजन में सामान्य से 46 प्रतिशत ज्यादा बरसात हो चुकी है. सबसे ज्यादा बरसात यमुनानगर जिले में और सबसे कम सिरसा जिले में हुई है. 10 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य रूप से 385.1 mm बरसात होनी चाहिए थी लेकिन अब तक 563.8 mm बरसात हो चुकी है.

आगामी दिनों में यह रहेगा मौसम का मिजाज
10 से 12 सितंबर तक प्रदेश में पंचकूला, यमुनानगर, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला में हल्की बरसात के आसार रहेंगे, बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा. 13 सितंबर को तापमान ऊपर जाएगा और उमस तथा गर्मी बढ़ेगी. कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे. 14 सितंबर को प्रदेश में कई जिलों में बारिश का अनुमान है. इससे तापमान में भी गिरावट हो सकती है. 15 और 16 सितंबर को भी मौसम परिवर्तनशील रहेगा.
जींद जिले में फसलों में भरा बरसाती पानी
जींद जिले में जुलाना क्षेत्र के शामलो कलां, खिमा खेड़ी, गोसाईं खेड़ा सहित कुछ अन्य गांवों में मंगलवार दोपहर को वर्षा हुई। वहीं कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। नरवाना के साथ जुलाना क्षेत्र जिले में जल जमाव से ज्यादा प्रभावित है। जुलाना के जिन गांवों में वर्षा हुई, उससे खेतों में दोबारा जल स्तर बढ़ गया है। धान की अगेती बासमती धान में बालियां आनी शुरू हो गई हैं।
किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही खेतों से पानी नहीं निकला, तो बालियों के बोझ के कारण धान की फसल गिरेगी और बीमारियों की चपेट में आएगी। मंगलवार देर शाम सात बजे तक जिले के 261 गांवों के 9757 किसान 63593 एकड़ फसल में नुकसान की शिकायत क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवा चुके हैं।











