आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट: HCL Technologies 8% लुढ़का

On: April 23, 2026 12:17 PM
आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट: HCL Technologies 8% लुढ़का

HCL Technologies: बुधवार को शेयर बाजार में तेज बिकवाली के पीछे आईटी इंडेक्स में 3% की बड़ी गिरावट का हाथ था और इस गिरावट को लीड कर रहा था 8% तक लुढ़कने वाला एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर।

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चौथी तिमाही के नतीजों के बाद आज कंपनी के शेयर में तेज बिकवाली आई है। खबर लिखे जाने तक शेयर 9.34% गिरकर 1306.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। एक तो खराब नतीजे, ऊपर से 8 ब्रोकरेज फर्म्स की रिपोर्ट जिसमें टारगेट घटाए गए हैं, ने निवेशकों के मुंह का स्वाद कड़वा कर दिया है।

दरअसल, HCL Technologies के नतीजों में कई पैरामीटर कमजोर रहे, वहीं कंपनी की गाइडेंस भी उम्मीद से नीचे रही। यही वजह है कि ज्यादातर ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज ने टारगेट प्राइस घटा दिए हैं और रेटिंग में भी सतर्क रुख अपनाया है।

कंपनी का रेवेन्यू लगभग फ्लैट रहा, जो यह दिखाता है कि डिमांड में सुस्ती बनी हुई है। हालांकि मुनाफे में करीब 10% की बढ़त जरूर आई, लेकिन ऑपरेटिंग प्रदर्शन निराशाजनक रहा। ईबीआईटी में 10.6% की गिरावट दर्ज हुई और मार्जिन 202 बेसिस पॉइंट घटकर 16.5% पर आ गया।

कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू में 3.3% की गिरावट यह साफ संकेत देती है कि कंपनी के लिए ग्रोथ हासिल करना आसान नहीं है। डील पाइपलाइन भी कमजोर रही, जहां पिछले साल 2.9 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस बार सिर्फ 1.9 बिलियन डॉलर की डील्स हुईं।

गाइडेंस ने बढ़ाई चिंता (HCL Technologies)

सबसे बड़ा झटका कंपनी की वित्त वर्ष 27 के लिए दी गई गाइडेंस से लगा। एचसीएल टेक ने 1–4% की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया है, जो बाजार की 3–5% की उम्मीद से काफी कम है। इससे यह साफ है कि आने वाले समय में भी ग्रोथ पर दबाव बना रह सकता है।

इसके अलावा, एआई से जुड़ी सर्विसेज में “डिफ्लेशन” का खतरा भी सामने आया है, यानी प्राइसिंग पर दबाव बढ़ सकता है, जो मार्जिन पर और असर डाल सकता है।

ब्रोकरेज का बदला रुख: टारगेट में कटौती (HCL Technologies)

नतीजों के बाद लगभग सभी बड़े ब्रोकरेज हाउसेज ने अपने टारगेट प्राइस घटा दिए हैं। कुछ ने रेटिंग भी डाउनग्रेड की है, जो निवेशकों के लिए निगेटिव संकेत है। सबसे निगेटिव टेक जेफरीज का है। इन्होंने रेटिंग को होल्ड से घटाकर अंडरपरफॉर्म कर दिया है और टारगेट प्राइस को भी 1390 से घटाकर 1165 कर दिया है, जो किसी भी ब्रोकरेज के मुकाबले सबसे कम है।

पॉजिटिव पक्ष की बात करें तो कंपनी का मुनाफा 10% बढ़ा है, जो मुनाफे की मजबूती दिखाता है। रेवेन्यू भले ही फ्लैट रहा हो, लेकिन कमजोर माहौल में स्थिरता भी एक पॉजिटिव संकेत मानी जा सकती है। 1.9 बिलियन डॉलर के डील्स यह दिखाते हैं कि ऑर्डर फ्लो पूरी तरह रुका नहीं है। साथ ही कंपनी ने मार्जिन गाइडेंस बरकरार रखी है। एआई से जुड़ा रेवेन्यू 6% बढ़ा है, जो भविष्य के लिए एक नया ग्रोथ इंजन बन सकता है।

लेकिन निगेटिव फैक्टर्स ज्यादा भारी दिख रहे हैं। ईबीआईटी में गिरावट, मार्जिन में तेज कमी, और कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू में गिरावट यह दिखाती है कि ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस दबाव में है। डील मोमेंटम भी उम्मीद से कमजोर रहा है। सबसे बड़ी चिंता कंपनी की लोअर ग्रोथ गाइडेंस है, जो निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर रही है।

मौजूदा हालात में एचसीएल टेक के लिए “वेट एंड वॉच” रणनीति बेहतर मानी जा रही है। शॉर्ट टर्म में स्टॉक पर दबाव बना रह सकता है, क्योंकि गाइडेंस कमजोर है और ब्रोकरेज का रुख भी सतर्क हो गया है।

लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि कंपनी के पास अभी भी मजबूत क्लाइंट बेस और एआई जैसी नई ग्रोथ थीम मौजूद है, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ धीमी रह सकती है। ऐसे में नए निवेश से पहले वैल्यूएशन और ग्रोथ ट्रेंड को ध्यान में रखना जरूरी है।


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