Parliament of India: संसद में आज आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर काफी हंगामा हुआ। सत्र के पहले दिन ही इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कांग्रेस के सांसदों ने इसे संविधान को बदलने की कोशिश बताया।
इसी बीच, समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग उठा दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान के खिलाफ है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले 12 घंटे की चर्चा का प्रस्ताव रखा, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि चर्चा 15 से 18 घंटे तक चल सकती है ताकि हर सांसद अपनी बात कह सके।
विपक्ष की मांग पर इन विधेयकों को सदन में रखने के लिए औपचारिक वोटिंग हुई। शुरुआत में मशीन से वोटिंग हुई, फिर वोटिंग पर्चियों का भी इस्तेमाल किया गया। बिल पेश करने के समर्थन में 251 वोट पड़े, जबकि विरोध में 185 वोट पड़े।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026’ और ‘परिसीमन विधेयक 2026’ पेश किया।
मत विभाजन क्या होता है? Parliament of India
आमतौर पर लोकसभा में प्रस्तावों को ध्वनि मत से पास किया जाता है, जहां सदस्य ‘हाँ’ या ‘ना’ कहकर अपनी सहमति देते हैं। लेकिन जब विपक्ष परिणाम को चुनौती देता है, तो मत विभाजन कराया जाता है। इसमें मशीनों से वोट रिकॉर्ड किए जाते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बिलों को महिलाओं के सम्मान के लिए जरूरी बताया और सर्वसम्मति की अपील की। विपक्ष परिसीमन के प्रावधानों और ओबीसी कोटे को लेकर सरकार पर हमला कर रहा है।
कल शाम 4 बजे होगा मतदान, Parliament of India
कल दोपहर तक चर्चा चलेगी और शाम 4 बजे इन विधेयकों को पारित करने के लिए अंतिम मतदान होगा। देश की नजरें इस वोटिंग पर टिकी हैं।






