Vehicle Real Time Tracking : हरियाणा में वाहनों की होगी रियल टाइम ट्रैकिंग, 11 जिलों में लगेगा CCTV बेस्ड सर्विलांस सिस्टम

On: September 12, 2025 11:41 AM
There will be real time tracking of vehicles in Haryana, CCTV based surveillance system will be installed in 11 districts

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Vehicle Real Time Tracking : हरियाणा में अब वाहनों की रियल टाइम ट्रैकिंग होगी। इसे लेकर हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा 11 जिलों में सीसीटीवी बेस्ड सर्विलांस सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इस प्रोजक्ट पर 9 करोड़ 30 लाख रुपए खर्च आने का अनुमान है और कॉर्पोरेशन की इलेक्ट्रिकल विंग द्वारा टेंडर लगा दिया गया है। 25 सितंबर को टेंडर की बिड खुलेगी, जिसके बाद जो भी फर्म कम रेट में सर्विलांस सिस्टम स्थापित करेगी, उसे टेंडर अलॉट कर दिया जाएगा।

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हरियाणा के 11 जिलों जींद, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, पानीपत, कैथल, रोहतक, हिसार, सोनीपत, भिवानी, झज्जर और चरखी दादरी में शुरुआती चरण में रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित होगा। जो भी फर्म काम करेगी, उसे छह महीने में यह काम पूरा कर के देना होगा। रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम को लगाने का मकसद वीडियो निगरानी और आटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान (ANPR) तकनीक के माध्यम से रोड सेफ्टी और रियल टाइमिंग व्हीकल ट्रैकिंग को बढ़ाना है।

Vehicle Real Time Tracking : इन 10 जगहों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

रियल टाइम ट्रैकिंग के तहत हर जिलों में 10 स्ट्रेटेजिक जगहों और एक जिला केंद्रीय स्थान पर CCTV उपकरण/हार्डवेयर स्थापित किए जाएंगे। इस स्थानों को सर्वे के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ तालमेल करके अंतिम रूप दिया जाएगा।

There will be real time tracking of vehicles in Haryana, CCTV based surveillance system will be installed in 11 districts

Vehicle Real Time Tracking : 30 दिन तक की फुटेज रहेगी स्टॉरेज

जिले में जहां पर भी रियल टाइम ट्रैकिंग के तहत सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, उनमें 4 एनएनपीआर कैमरा ट्रैफिक ट्रैकिंग के लिए होंगे। इन कैमरों में 30 दिनों तक की फुटेज स्टोर हो सकेगी। जिला पुलिस मुख्यालय में इसका कंट्रोल रूम स्थापित होगा।

Vehicle Real Time Tracking : ये है सरकार का मकसद

इस प्रोजेक्ट के जरिए प्रत्येक जिले में वीडियो निगरानी और एनवीआर में स्थानीय रिकॉर्डिंग हो सकेगी। ऑटोमेटिक व्हीकल नंबर प्लेट की पहचान की जा सकेगी। जिला स्तर पर केंद्रीकृत निगरानी होगी। जिले में केंद्रीय स्थान पर डेटा संग्रहित होगा और जरूरत पर प्राप्त किया जा सकेगा। व्हीकल चोरी होने या अनधिकृत प्रयोग का पता लगाने में सहायता मिलेगी।


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