IMT Haryana : जींद जिले के गांव अलेवा स्थित अड्डे के पास धर्मशाला में रविवार को जमीन बचाओ समिति की बैठक हुई। जिसमें अलेवा ब्लाक के 12 गांवों के किसानों, मजदूरों व आम ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता धर्मपाल नगूरां ने की। ग्रामीणों की जमीन बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा कर 10 सदस्यीय समिति का गठन किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 19 सितंबर को डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें सरकार द्वारा आइएमटी (इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप) के नाम पर जमीन अधिग्रहण के प्रयासों का विरोध किया जाएगा और ग्रामीणों के हितों की रक्षा की मांग की जाएगी।
धर्मपाल नगूरां ने कहा कि आइएमटी के लिए जमीन अधिग्रहित कर सरकार किसानों की रोजी रोटी छीनना चाहती है। बिना जमीन के किसान कंगाल होने के अलावा भूखा मरने के कगार पर आ जाएगा। आइएमटी के लिए सभी 12 गांवों के किसान किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे।
इसके लिए किसानों को अगर कड़े से कड़ा फैसला लेना पड़ा, तो किसी भी समय तैयार हैं। जमीन बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी किसानों को ट्रैक्टर- ट्रालियों में साथ लेकर 19 सितंबर को लघु सचिवालय पहुंचेंगे। अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया, तो ट्रैक्टर मार्च से लेकर धरना देने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर समिति सदस्य हरिकेश मंडी, प्रताप नंबरदार, रमेश खांडा, सुशील नरवाल चुहड़पुर, नफे सिंह, बंसी गोहियां, बिजेंद्र, रमेश, पाला राम, बलवान, शमशेर, राजाराम, सुरेंद्र व संदीप मौजूद रहे।











