Haryana Patwari List Viral : हरियाणा में करीब 9 माह पहले हरियाणा के 370 रेवेन्यू पटवारियों को भ्रष्ट बता कर लिस्ट जारी कर इसे लीक करने, वायरल करने के मामले में 3 बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी है। इसमें इन अधिकारियों के खिलाफ हरियाणा सिविल सर्विसेज (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत 4 सितंबर 2025 को चार्जशीट जारी की गई है। यह सूची अति गोपनीय थी, इसलिए इसको सार्वजनिक नहीं किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बता दें कि 16-17 जनवरी को हरियाणा में एक लिस्ट वायरल हुई थी। इसमें 370 पटवारियों के नाम लिखे थे और इन्हें भ्रष्ट बताया गया था। साथ ही यह पटवारी किस तरह का भ्रष्टाचार कर रहे हैं, इंतकाल, फर्द, रजिस्ट्री समेत किन कार्यों में रिश्वत मांग रहे हैं, इसके बारे में भी जिक्र किया गया था। लिस्ट वायरल होते ही हड़कंप मच गया था। हालांकि मुख्यालय से ही यह सूची लीक हुई थी लेकिन जिन पटवारियों के नाम लिखे हुए थे, उन समेत यूनियनों ने धरना-प्रदर्शन, हड़ताल शुरू कर दी थी। कई दिनों तक मामला काफी सुर्खियों में रहा।

हाई कोर्ट ने उठाया सवाल
इस मामले में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सवाल उठाया कि समाचार पत्रों में लिखा है कि सरकार द्वारा जारी सूची। क्या सरकार वह सूची वापस ले रही है। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि जब सरकार ने सूची जारी नहीं की तो वापस लेने का सवाल ही नहीं है। इस पर कोर्ट ने समाचार प्रकाशित करने वालों को नोटिस जारी कर जवाब दायर करने का आदेश दिया।
हालांकि याची की वकील ने बताया कि मंत्री ने कहा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की और भी सूची जारी होंगी इसलिए यह कहना गलत है कि यह सूची अधिकारियों की गलती से जारी हुई। याची ने कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए यह सूची जारी की गई थी।
बिना किसी आधिकारिक जांच के व्यक्तियों को भ्रष्ट बताना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की थी ताकि उन 370 पटवारियों और 170 निजी व्यक्तियों के मूलभूत अधिकारों की रक्षा की जा सके जिनका नाम भ्रष्ट पटवारियों के रूप में एक सूची में प्रकाशित किया गया था।











