Natural Farming: मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में किसानों का एक समूह प्राकृतिक खेती ( Natural Farming )को बढ़ावा देते हुए खेती की लागत कम करने और मिट्टी की सेहत बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। Bijaksangham Farmer Producer Company Ltd. से करीब 760 किसान जुड़े हुए हैं और FPO के माध्यम से प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाया जा रहा है।
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खेती मॉडल की खास बात “Natural Farming”
इस खेती मॉडल की खास बात यह है कि किसान खेत पर ही तैयार होने वाले कृषि इनपुट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें बीजामृत (Beejamrit) और घनजीवामृत (Ghanjeevamrit) जैसे प्राकृतिक कृषि उत्पाद शामिल हैं। इससे बाहरी कृषि इनपुट पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है।
प्राकृतिक खेती ( Natural Farming )का उद्देश्य केवल उत्पादन करना नहीं, बल्कि खेती की लागत को नियंत्रित करने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता और कृषि भूमि के स्वास्थ्य को बनाए रखना भी है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के इस्तेमाल से किसानों को कम लागत में टिकाऊ खेती की ओर बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
आगर मालवा की यह FPO किसानों को एकजुट कर प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को आगे बढ़ाने का उदाहरण पेश कर रही है। इससे जुड़े किसान प्राकृतिक तरीके से उगाई गई उपज और बीजों को बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
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