Koth Khurd History : 500 साल पहले 2 लोगों फेरू-जीतू ने बसाया था ये गांव, कितने पानें, कितने गोत्र और क्या है कोथ खुर्द का इतिहास

On: May 18, 2026 10:24 PM
Koth Khurd History : 500 साल पहले 2 लोगों फेरू-जीतू ने बसाया था ये गांव, कितने पानें, कितने गोत्र और क्या है कोथ खुर्द का इतिहास

Koth Khurd Village History : हरियाणा के हिसार जिले का गांव कोथ खुर्द। आज हम आपको कोथ खुर्द गांव के इतिहास के बारे में बताएंगे। कोथ खुर्द गांव 500 साल पहले दो लोगों फेरू और जीतू ने बसाया था। कोथ खुर्द गांव वीरों, खिलाड़ियों, दानी सज्जनों की धरती माना जाता है। लगभग 500 वर्ष पूर्व कोथ कलां से आकर फेरू एवं जीतू ने इस गांव को बसाया था। इसके लगभग 100 साल बाद पुलिये आकर यहां बस गये। वर्तमान में उनके नाम पर इस गांव में फुराण,जितायण व पुलिया नामक तीन बगड़(पाने) हैं।

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सन 1999 पाना जितायण की सुन्दर चौपाल में उप-स्वास्थ्य केन्द्र कार्यरत है और जय दादाकालापीर सुनहरे अक्षरों में लिखा हुआ है।गांव के लोग कोथकलां स्थित दादा कालापीर डेरा मठ की मान्यता करते हैं। उचाना जींद के निकटवर्ती बसे इसी गांव कोथ खुर्द में जन्में लोक सम्पर्क विभाग हरियाणा के रिटायर्ड DIPRO सुरेन्द्र कुमार वर्मा समय-समय पर गरीब व जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की पढाई-लिखाई के यथा सम्भव मदद करते रहते हैं।

समाज सेवा व सराहनीय कार्यों के लिए सुरेन्द्र वर्मा को ओडिसा के पूर्व महामहिम राज्यपाल प्रो गणेशीलाल व अन्य वीआईपी’ज द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। यह गांव शिक्षितों,वीरों एवं खिलाडियों से परिपूर्ण है। यहां के खिलाडियों ने नेशनल लेवल पर भी पदक जीतकर गांव का नाम रोशन किया है। इनमें सोनी समाज से बाक्सिंग में गोल्ड मेडल विजेता बेटी श्रुति,सिल्वर मेडल विजेता बेटा आशु वर्मा एवं भाला फेंकने में बेटी शीलू व बेटा राकेश के नाम उल्लेखनीय हैं।

Koth Khurd Village History : और भी जानें क्या है कोथ खुर्द गांव की विशेषता, कौन हैं समाज सेवी

Koth Khurd Village History : कोथ खुर्द गांव के समाज सेवी डा राकेश संधू डीआरडीए जींद में बतौर परियोजना अधिकारी हैं जिन्होंने हाल ही में टीबी रोग से पीडि़त 800 मरीजों के लाभार्थ अहम भूमिका निभाई और टीबी के 10 मरीज स्वयं द्वारा भी गोद लिये गये। इसी परिवार में नव ज्योति सी सै स्कूल के संचालक राजा संधू , डा प्रदीप संधू ,शिक्षाविद मोनिका देवी व नीलम देवी भी सामाजिक कार्यों में जुटे रहते हैं।

समाज सेवी राजा संधू परिवार द्वारा युवाओं के हितार्थ काकडो़द में जय बाबा जीतगिरी खेल अकेडमी भी संचालित की हुई है। सोनी परिवार में ही हरियाणा टापर बेटी प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा सोनू सुपुत्री सुरेन्द्र वर्मा एन आई ए जयपुर में कार्यरत है जिसको अनेकों बार उल्लेखनीय सेवाओं व उपलब्धियों के लिए सम्मान दिया जा चुका है।

इस गांव की होनहार बेटी अन्जू सुपुत्री आत्माराम सोनी पूर्व पंच भी 2016 की बारहवीं कक्षा की परीक्षा में हरियाणा में टाप टैन में स्थान पाकर अपने गांव का नाम रोशन कर चुकी है और पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में केन्द्रीय बिजली मंत्री मनोहरलाल द्वारा सम्मानित हो चुकी है। इसके अलावा अन्नू भी पढ़लिख कर चण्डीगढ स्थित नगर निगम में सरकारी नौकरी करती है और राहुल वर्मा सुपुत्र सुरेन्द्र वर्मा बिजली निगम हिसार में एलडीसी के पद पर कार्यरत सर्वोत्तम बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।

Koth Khurd Village History : ये लोग भी हैं गांव के समाज सेवी ओर मौजिज लोग

बीटेक व कम्प्यूटर प्रशिक्षण कोर्स पास युवा सुखविन्द्र सुपुत्र सत्यवान संधू गांव में सीएससी के संचालक हैं जिससे युवाओं एवं ग्रामीणों को आनलाईन सुविधाएं भी दी जाती हैं। गांव के अनेकों युवा फौज,पुलिस,शिक्षा,एवं अन्य विभागों में कार्यरत हैं। इनमें रणबीर सिंह जांगडा़ जेबीटी चण्डीगढ़ में टीचर, मुकेश कुमार कोथकलां स्थित राकवमावि में बतौर इंचार्ज,सुनील संधू खजाना विभाग जींद एवं अनिल संधू पंचायत विभाग,मुकेश संधू एवं राममेहर सैनी,विनोद कुमार,संसार पुलिस विभाग में कार्यरत हैं।

वीरता से परिपूर्ण इस गांव के गौरव पट्ट पर तोपखाना कर्नल राजेश पुत्र हुकमचंद व नायक बलबीर पुत्र टेकराम,जाट रेजिमेंट हवलदार बलवान पुत्र पोंकर व ईएमटी सूरजमल पुत्र जोगराज,एजूकेशन हवलदार (स्वर्गीय)बलबीर पुत्र बनवारी के नाम अंकित हैं। गांव में सर्वाधिक संधू गोत्र के अलावा पूनिया,ब्राह्मण,सैन,प्रजापत,जांगडा़,पांचाल,सोनी,कश्यप,दर्जी, बाल्मीकि व एससी समाज के अन्य लोग मिलजुलकर रहते हैं।

गांव के लोगों की आस्था का प्रतीक संकट मोचन हनुमान मंदिर शिव मंदिर,जाहर वीर गोगा पीर जी महाराज व दादा खेडा़ आदि मान्यता स्थल हैं। गांव में सबसे बुजुर्ग दीदार सिंह मास्टर,87 वर्षीय ज्ञानीराम वर्मा एवं सुकमा देवी,हनुमान मंदिर के पुजारी लवकुश द्विवेदी व रोहित,पूर्व सरपंच महिला रामरती व शीलत (एससी), उदेसिंह,रामनिवास,कश्मीरसिंह, प्रतापसिंह,नम्बरदार कृष्ण सैन व सतबीर सिंह संधू ,पूर्व हैडमास्टर पालाराम व शिक्षाविद टेकराम,बीएड विकास संधू एवं जगबीर जांगडा,मोनिका,डिम्बल,सुनीता,अंजू ,शशी,एकता,शीला, रामनिवास संधू ,बलबीर मल्लू ,सत्यवान संधू ,रविन्द्र,नरेश,आजाद पूनिया,कुलदीप, दिलबाग, रामनिवास प्रजापत, राजबीर,ऋषि,सोनू वाल्मीक,बजेसिंह,महाबीर,माधो शर्मा,जोरासिंह,किताबसिंह व अन्य लोगों का कहना है कि गांव का कुल क्षेत्रफल 943 वर्ग हैक्टेयर है और आबादी लगभग साढे़ चार हजार है।

Koth Khurd Village History : गांव में कुआं से लेकर सरकारी स्कूल, प्ले स्कूल, आंबनगाड़ी केंद्र भी हैं प्रसिद्ध

गांव में दूना,दर्जा,बोलीबगडी़,सूखा, गुलाबसिंह, निरसमी,नाहलम,संता व रामसुख,सैनी नामक दस ठोले हैं और गांव की 12 हजार बीघे जमीन है। नाडा़ माईनर व कोथ माईनर सिंचाई के साधन हैं। गांव की मातृभाषा हिन्दी व हरियाणवीं तथा लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि,पशुपालन व मजदूरी है। गांव में बेटी बचाओ-बेटी पढा़ओ,एक कदम स्वच्छता की ओर मेरा गांव-मेरी शान व अन्य सलोगनों,पेड-पौधों से युक्त सौन्दर्य से परिपूर्ण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,बस स्टाप,जलघर व बूस्टर स्टेशन,रामसरा समेत पांच तालाब,प्राचीन धोला कुआं,सुसज्जित चार आंगनवाडी़ केन्द्र व प्ले स्कूल भी शामिल है।

इस गांव की छोटी सरकार में 11 वार्डों में से 10 वार्डों में पहली बार पंच सर्वसम्मति से बने जिनमें बीसी ए के हंसराज सैन,एससी के राममेहर,महिला वर्ग में प्रमिला,सोनी,पूजा ,सुनीता, कविता,रमेश,शमशेर,विनोद भी शामिल है। इसके अलावा पंचायत चुनाव में वोटों से चुने गये वर्तमान में पंच प्रवीण पांचाल व बतौर महिला सरपंच अनीता धर्मपत्नी वीरेन्द्रसिंह संधू भी शामिल हैं।

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Neeru Sheokand

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